निपुन सक्सेना और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य
निर्णय तिथि 11 दिसम्बर, 2018 बेंच — मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता न्यायमूर्तिगण । उक्त मामले में उच्चतम न्यायालय ने पीड़िता के पहचान को गुप्त रखने हेतु निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किये हैं :- (1) कोई भी व्यक्ति पीड़िता का नाम प्रिंट , इलेक्ट्रानिक , सोशल मीडिया इत्यादि में मुद्रित अथवा प्रकाशित नहीं कर सकता है अथवा किसी दूरस्थ तरीके में भी ऐसे किसी तथ्य का प्रकटन नहीं कर सकता है जो पीड़िता को पहचानने की ओर अग्रसर करते हैं या जो उसकी पहचान को लोगों के बीच सार्वजनिक करता है । (2) ऐसे मामलों में जहाँ कि पीड़िता की मृत्यु हो चुकी है। या वह विकृतचित्त की है , पीड़िता का नाम या पहचान उसके निकट सम्बन्धी के द्वारा अधिकृत कर दिये जाने के बाद भी तब तक प्रकट नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि ऐसा करने के लिए न्यायोचित्त परिस्थितियां विद्यमान न हो , जिसका निर्धारण सक्षम प्राधिकारी , जो वर्तमान में सत्र न्यायाधीश है , के द्वारा किया जायेगा। (3) सभी प्रा...